Dushman Se Chutkara Pane Ke Upay

Dushman Se Chutkara Pane Ke Upay

The idol of Shakti is the mother Kali, the mother who kills the wicked, the Kali Hindu religion has a different significance in the worship of Shakti Swaroopa Kali. So let’s know that some specific things about Mother Kali will also be known as the rule of worship.

Importance of Kali worship

Mother Kali, the chief goddess of Shakti Sampradaya, is in place in the form of total ten Mahavidyas. The greatest form of power is of the college. The worship of Kali ends with fear. The disease is free from their archives. Mother Kali’s worship is unmistakable for the peace of Rahu and Ketu. Mother protects her devotees and destroys their enemies. By worshiping them, the effect of tantra-mantra is eliminated.
Rule of worship of blacks

Remedies for getting rid of enemies

Mother Kali is worshiped in two ways, a normal and second technique is worshiped. Normal Pooja can be done by anybody, but Tantra worship can not be done without the protection and instructions of the Guru. The time of worship of Kali is right at midnight. Red and black objects have special significance in their worship. Mata Kali’s mantra chant is better than meditation.

Kali worship to get rid of enemies

Mother Kali’s worship should be done to calm the enemy and the opponent not for the death of anyone. If you are upset with an opponent or an enemy, then there are ways to avoid that problem –
If your enemy harasses you, then you wear red clothes and sit on a red posture. Burn the lamp and goggle sunlight before the mother Kali. Offer prawns and cloves to the mother.

After this, praying for liberation from the enemy and the trial, by chanting 11 maala of ‘Oun krim Kalikayai Namah’. Do not touch water for 15 minutes after chanting chant. Do this consecutive consecutive 27 nights. It is believed that by taking these measures you can get the blessing of Kali.

Dushman Se Chutkara Pane Ke Upay

शक्ति की प्रतिमूर्ति हैं मां काली, दुष्टों का संहार करने वाली मां काली हिंदू धर्म में शक्ति स्वरूपा मां काली की उपासना का अलग ही महत्व है. तो आइए जानते हैं मां काली के विषय में कुछ विशेष बातें साथ ही जानेंगे उनकी उपासना के नियम.

काली की उपासना के महत्व

शक्ति सम्प्रदाय की प्रमुख देवी हैं मां काली, यह कुल दस महाविद्याओं के स्वरूपों में स्थान पर हैं. शक्ति का महानतम स्वरुप महाविद्याओं का होता है. काली की पूजा-उपासना से भय खत्म होता है. इनकी अर्चना से रोग मुक्त होते हैं. राहु और केतु की शांति के लिए मां काली की उपासना अचूक है. मां अपने भक्तों की रक्षा करके उनके शत्रुओं का नाश करती हैं. इनकी पूजा से तंत्र-मंत्र का असर खत्म हो जाता है.
काली की पूजा के नियम

दो तरीके से मां काली की पूजा की जाती है, एक सामान्य और दूसरी तंत्र पूजा. सामान्य पूजा कोई भी कर सकता है, पर तंत्र पूजा बिना गुरू के संरक्षण और निर्देशों के नहीं की जा सकती. काली की उपासना सही समय मध्य रात्रि का होता है. इनकी पूजा में लाल और काली वस्तुओं का विशेष महत्व है. मां काली के मंत्र जाप से ज्यादा इनका ध्यान करना उपयुक्त होता है.

दुश्मनों से छुटकारा पाने के लिए करें काली की उपासना

मां काली की उपासना शत्रु और विरोधी को शांत करने के लिए करनी चाहिए किसी के मृत्यु के लिए नहीं. आप विरोधी या किसी शत्रु से परेशान हैं तो उस समस्या से बचने के यह उपाय हैं –

आपके शत्रु अगर आपको परेशान करते हों तो आप लाल कपड़े पहनकर लाल आसन पर बैठें मां काली के समक्ष दीपक और गुग्गल की धूप जलाएं. मां को प्रसाद में पेड़े और लौंग चढ़ाएं. इसके बाद ‘ऊँ क्रीं कालिकायै नमः’ का 11 माला जाप करके, शत्रु और मुकदमे से मुक्ति की प्रार्थना करें. मंत्र जाप के बाद 15 मिनट तक पानी नहीं छुएं. यह अर्चना लगातार 27 रातों तक करें. ऐसी मान्यता है कि इन उपायों को करके आप मां काली का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

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